वर्क फ्रॉम होम' को आसान कैसे बनाएं | VentAllOut blog

दुनिया के लगभग सभी देशों में इस समय कोरोना वायरस या कोविड 19 का कहर तेज़ी से बढ़ रहा है। आये दिन पीड़ितों की संख्या और दर में बढ़ोतरी भी हो रही है। बीच-बीच में खबरें आती हैं कि कुछ देश इससे बाहर आ रहे हैं लेकिन अगले ही पल पता चलता है कि उन देशों में फिर नए केस आने शुरू हो गए हैं। निश्चित रूप से यह सम्पूर्ण मानवजाति के लिए बड़ी विपदा का समय है। डॉक्टर और वैज्ञानिक अभी भी इस वायरस और इससे निजात पाने के उपाय पर कार्य कर रहे हैं; जो कि एक लम्बी प्रक्रिया है और इसमें निश्चित ही समय लगेगा। ऐसे में स्थिती दिनों-दिन तनावपूर्ण होती जा रही है और विपरीत परिस्थिती में निराशा का भाव पनपना एक साधरण सी बात है। लेकिन कुछ प्रयासों और उपायों से इस वायरस को खत्म तो नहीं; लेकिन रोका जरूर जा सकता है। और उन्ही उपायों जैसे-सोशल डिस्टेंसिंग,वर्क फ्रॉम होम,मास्क पहनना,लगातार साफ-सफाई रखना आदि;को दुनिया तेज़ी से अपना भी रही है। अतः हम कह सकते हैं कि आने वाले समय में हमारी व्यवस्थाओं में बड़े परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं और उन्ही में से एक है 'वर्क फ्रॉम होम'। वैसे नये परिवर्तन को अपनाना और उसके अनुसार खुद को ढालना थोड़ा कठिन जरूर होता है, लेकिन हमें धीरे-धीरे इन बदलाव की आदत डालनी ही होगी। 

मनोवैज्ञानिक जेम्स का कथन है, "ये संभव नही है की जीवन में सदैव अनुकूलता बनी रहे और प्रतिकूलता न आए।" अर्थात विपत्ति,कठिनाई जीवन के अनिवार्य भाग हैं। इस कोरोना वायरस के चलते विश्व की लगभग सभी छोटी-बड़ी कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम को अनिवार्य कर दिया है। जिससे ज्यादातर कर्मचारियों को अपने घर से ही काम करना पड़ता है। इनमे से 90 प्रतिशत लोगों के लिए यह एक नया अनुभव है जिससे उनमे से कई लोगों को तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन यह भी दिलचस्प ही है कि विश्व में टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रयोगों के कारण आने वाला समय 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे ही प्रणालियों का है। अतः हमें इसके अनुसार खुद को बेहतर तरीके से ढालने के प्रयास शुरू कर देने चाहिए।यदि आप प्रॉपर प्लानिंग करके अपना वर्क कल्चर तय करते हैं तो निश्चित ही घर से काम करना बहुत आसान हो सकता है। 

वर्क फ्रॉम होम करते हुए चीजों को बेहतर तरीके से मैनेज करने की जरुरत है ताकि घर और ऑफिस दोनों के काम में तालमेल बैठाया जा सके और प्रॉडक्टिविटी भी प्रभावित न हो। घर से काम करने के इस नए तजुर्बे में सबसे बड़ी मुश्किल टाइम मैनेजमेंट की होती है अतः हमें घर और ऑफिस सभी के लिए एक टाइम-टेबल बनाने की जरुरत है ताकि हम सभी कार्यों को समय से कर सकें। वर्क फ्रॉम होम में एक तरह से हम फायदे में हैं क्योंकि ऑफिस के उन बेकार की गप्पों और स्ट्रेस से हमको छुटकारा मिलता है जो हमारे या किसी सहकर्मी के कारण भुगतना पड़ता है। वर्क फ्रॉम होम को आसान बनाने के लिए हम अपने ऑफिस के काम को टुकड़ों में बांटकर एन्जॉयमेंट के साथ कर सकते हैं। काम के दौरान शरीर को आराम देने और फिटनेस पर काम करने का हमारे पास खूब समय होता है। वर्क फ्रॉम होम उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो अंतर्मुखी हैं लेकिन जिन्हे दिनभर लोगों से मिलना, बातें करना पसंद है उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। ऐसे में इन लोगों में स्ट्रेस और एंजाइटी भी बढ़ती जा रही है। लेकिन ऐसे लोगों को या तो अपना मनपसंद कार्य करते  हुए या ज्यादा दिक्कत होने पर किसी मनोरोग विशेषज्ञ की सहायता लेकर अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। याद रखिये बदलाव के अनुसार ढलना ही मानव जीवन को बनाये रखने की अनिवार्य शर्त है। अतः चुनौती को स्वीकार्य करिये और अपने कार्य में अपना 100 प्रतिशत देने का प्रयास करिये।


Posted : a month ago

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