स्वस्थ रहने के कुछ उपाय | VentAllOut blog

आज के चुनौतीपूर्ण जीवन में हर मनुष्य का उद्देश्य अधिक-से-अधिक अपने और अपनों के लिए संसाधन जुटाना व सुख भोगना ही है। इसके लिए आज ज्यादातर लोग अपना शहर, गाँव और यहां तक की अपना देश भी छोड़ देते हैं और बेहतर भविष्य व अवसर की तलाश में पलायन करने से भी पीछे नहीं हटते। एक अनुमान के अनुसार हर दूसरा व्यक्ति आज बेहतर अवसर व भविष्य के लिए पलायन करने को तैयार है। इसके कारण जहां एक ओर प्रतिभा का पलायन होता है वहीं इसका सबसे ज्यादा मानसिक प्रभाव उस व्यक्ति के ऊपर ही पड़ता है।एक नये शहर, क्षेत्र और स्थान में जहाँ व्यक्ति पर खुद को स्थापित करने की चुनौती होती है वहीं भिन्न-भिन्न प्रकार के दबावों को भी झेलना पड़ता है। यह बात बिल्कुल सही है कि वैश्वीकरण के इस युग मे लोगों के लिए जहां एक ओर अवसर बढ़ाये हैं वहीं दूसरी सबसे ज़्यादा मौतें भी डिप्रेशन या अवसाद के कारण भी इसी वैश्वीकरण के युग मे हुईं हैं। आज एक पंद्रह साल के बच्चे को भी डिप्रेशन हो जाता है। संसाधन जुटाने और जीवन को बेहतरीन बनाने के उद्देश्य में हमने शायद जीवन जीने की ओर ध्यान देना ही छोड़ दिया है। काम और संसाधनों की खोज में पूर्णतः लिप्त होकर केवल भीड़ का हिस्सा बनते जा रहे हैं।

आज हर ओर(सड़कों) पर केवल भागते-दौड़ते लोग हैं जिनमे से ज्यादातर लोगों को उनकी मंजिल भी पता नहीं। यह कौन सी दौड़ है, हम किस जीवन की खोज में भटक रहे हैं। कब हम समझ पाएंगे कि हमारा खुश रहना और स्वस्थ रहना ही सबसे बड़ी उपलब्धि और सुख है। एक सर्वे के अनुसार आज भी ज्यादातर लोग स्वास्थ्य को लेकर काफी लाफ़रवाह हैं। नये जगहों या ऑफिस में स्थापित करने के चक्कर मे कुछ लोग इतने बनावटी और दिखावटी हो जाते हैं कि लोगों की संवेदना और उनसे मित्रता बनाये रखने के लिए वो अपने वास्तविक जीवन व व्यवहार से हटकर एक काल्पनिक संसार मे जीने लगते हैं। लेकिन इन प्रयासों से भी जब उन्हें उस मात्रा में अटेंशन नहीं मिलता तो ऐसे ही लोग डिप्रेशन या अवसाद की ओर बढ़ जाते हैं। एक अनुमान के अनुसार लगभग सभी लोग नई जगहों में खुद को स्थापित करने के लिए ऐसे झूठ बोलते हैं। हम कब ये समझेंगे कि जब तक हम खुद के प्रति ईमानदार नहीं होंगे तो हम कितना भी दूसरों को खुश कर लें न तो हम मानसिक रूप से ही स्वस्थ रह पाएंगे न ही शारीरिक रूप से। जीवन मे असल लक्ष्यों को पहचानने के साथ हमें अपने जीवन मे ठहराव लाना ही होगा। स्वास्थ्य के महत्व को समझते हुए खुद के साथ अपनों को भी स्वस्थ रखने का प्रयास करना होगा। दौड़-भाग के इस जीवन में अपने लिए समय जरूर निकालिए। एक कहावत में कहा गया है कि खुद को जिंदा रखने के लिए समय निकालिए, चलते रहने के लिए कुछ पढ़िए और खुद की पहचान बनाने के लिए खुद को पहचानिये। यदि हम स्वस्थ रहेंगे तो ही हमारे लिए सभी विकल्प और जीवन के रास्ते खुले रहेंगे। अपने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ अपने मानसिक का भी ध्यान रखिए।


Posted : 4 months ago

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