नींद की समस्या और बढ़ता खतरा | VentAllOut blog

अभी तक कम नींद आना या नींद समय पर न आना कोई बड़ी समस्या नहीं मानी जाती थी। लेकिन वर्तमान रिसर्च और प्रयोगों में माना गया कि अभी तक कम नींद आना या नींद समय पर न आना एक समस्या है, जो धीरे-धीरे कई रोगों का कारण भी बन जाती है। कभी-कभी यह इतना खतरनाक हो जाता है कि व्यक्ति तनाव का भी शिकार हो जाता है। लेकिन ज्यादातर लोग कभी न कभी नींद आने मे परेशानी का सामना करते है। हम सब ने एक शब्द सुना होगा - अनिद्रा (Insomnia), अगर आप बहुत चिन्तित हों या बहुत उत्तेजित हों तो थोड़े समय के लिए आप इसके शिकार हो सकते हो और जब आपकी उत्तेजना या चिन्ता खत्म हो जाती है तो सब सामान्य हो जाता है| अगर आपको अच्छी नींद  नही आती है तो ये एक समस्या है क्योंकि नींद आपके शरीर और दिमाग को स्वस्थ एवं चुस्त रखती है। इस बिमारी से ज्यादातर युवा वर्ग पीड़ित है। आज के समय में जहां काम का बोझ बढ़ता जा रहा है और प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही ऐसे में सबसे फिटेस्ट व्यक्ति ही सभी चुनौतियों को पीछे छोड़ आरामदायक जीवन को प्राप्त कर सकता है। जिसके लिए पहली शर्त अच्छी नींद है जिसके लिए एक बड़ा वर्ग संघर्षरत है।  

बदलती जीवनशैली में कई बार तनाव, चिंता, सोने से पहले की गलत आदतें आदि कारणों से कुछ लोगों को अनिद्रा की समस्या होती है। किसी को जल्दी नींद नहीं आ पाती, किसी को गहरी नींद नहीं आती तो किसी को पूरी रात नींद नहीं आ पाती है। यह एक रोचक तथ्य है कि लगभग 33 प्रतिशत सड़क हादसे पर्याप्त नींद न लेने के कारण होती है। नींद लेना वह प्रक्रिया है जो किसी भी मनुष्य को संतुष्ट कर सकती है और उसके दिमाग को फ्रेश करके आगे के कार्यों के लिए तैयार करती है। यदि जरूरत पड़ने पर आपको अच्छी नींद आती है और सोने में कोई दिक्कत नहीं होती तो यकीनन आप दुनिया के कुछ भाग्यशाली लोगों में से हैं। यह भी दिलचस्प है कि आज एक बड़ी आबादी नींद की किसी-न-किसी समस्या से जूझ रहा है। सामन्यतः यह बिमारी दो तरह की होती है-पहली,अनिद्रा या इनसोमनिया। और दूसरी,हाइपरसोमनिया या अतिनिद्रा। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए 7-8 घंटे की नींद अच्छी मानी गई है लेकिन यदि आप इससे अधिक या कम नींद लेते हैं तो आपको सायकोलॉजिस्ट से सहायता लेने की जरूरत है। 

रोजाना रात को सोने से पहले हाथ-मुंह और पैरों को धोएं। ऐसा करने से अच्छी नींद लगने में मदद मिलती है। दिन में या रात में जब भी सोना हो, तो उस समय से पहले चाय या कॉफी का सेवन न करें। सोने से पहले तलवों पर सरसों के तेल से मालिश करने से भी दिमाग शांत और स्थिर रहता है, रक्त संचार बेहतर होने के साथ ही थकान दूर होती है, जिससे नींद अच्छी आती है। रात को सोने से पहले दूध में एक चुटकी जायफल मिलाकर पीएं। ये भी अच्छी नींद लाने में मदद करता है। सांस लेने की इस ट्रिक को भी आप आजमा सकते है, इसके लिए आपको नाक से चार सकेंड तक के लिए सांस लेना है, फिर सात सकेंड तक इसे रोक कर रखें और आठ सकेंड तक इसे छोड़ते रहे। ऐसा करने से हार्ट बीट धीमी होती है और ब्रेन में एक केमिकल रिलीज होता है, जो कि अच्छी नींद लाने में सहायक होता है।


Posted : 4 weeks ago

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