अम्नेसिया के कारण और बचाव के उपाय | VentAllOut blog

आजकल के भागदौड़ भरी जिंदंगी में कई तरह के रोगों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें से ही एक सामान्य-सा किन्तु गंभीर रोग हो गया है 'भूलना' या 'अम्नेसिया'। लोगों को भूलने की आदत या कहें बीमारी होने लगी है.. पहले लोगों को इस समस्या का सामना उम्र बढ़ने के बाद करना पड़ता था लेकिन आजकल कम उम्र में भी ये समस्या हो रही है। अहम ये है कि लोग पहले छोटी-छोटी चीजें भूलने लगते हैं लेकिन इस पर ध्यान नहीं देते और बाद में ये बढ़ कर गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है। सबसे बड़ी समस्या तब हो जाती है जब लोग बड़ी-बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण बातों को भी भूल जाते हैं। 

 आमतौर पर यह रोग धीरे-धीरे शुरू होता है लेकिन समय के साथ इलाज न होने पर गंभीर हो जाता है। इसके सबसे सामान्य शुरूआती लक्षणों में हालिया घटनाओं को याद रखने में कठिनाई आती है।अम्नेसिया से पीडि़त रोगी व्यक्ति का नाम जैसे कि पुराने मित्रों, अपने घर का पता, यहां तक कि सड़कों तथा अन्य वस्तुओं के नाम भी भूल जाता हैं। इस रोग में शुरुआत में व्यक्ति को चिड़चिड़ापन व गुस्सा आता है, धीरे-धीरे मित्रों को भूल जाना, नई बातों को भूलना इसके लक्षण हैं। इस बिमारी में व्यक्ति को लगातार स्मृति हानि होती है। हांलाकि थोड़ी-बहुत भूलने की बिमारी आम है जो उम्र के साथ होती है लेकिन कम उम्र में भी ज्यादातर बातें भूलने लगें तो समस्या गंभीर बन जाती है जिसे 'अम्नेसिया' कहा जाता है। 

'अम्नेसिया' के प्रमुख कारणों में तनाव या डिप्रेशन प्रमुख रूप से उत्तरदायी है। डिप्रेशन से जुड़े हॉर्मोन न्यूरॉन्स ब्रेन कोशिकाओं के काम को धीमा कर अम्नेसिया के खतरे को बढ़ा देते हैं। एक दिन में स्वस्थ व्यक्ति के लिये  7 से 8 घन्टे की नींद जरूरी है। लेकिन आधुनिक व्यस्त लाईफस्टाइल  के कारण जहाँ काम का अत्याधिक दबाव बढ़ा है जिससे न तो लोग भरपूर आराम ही कर पा रहें हैं न ही अपने स्वास्थ्य पर ही ध्यान दे रहें हैं। नींद पूरी न होने से लोग धीरे-धीरे 'अम्नेसिया' के शिकार बनने लगते हैं। वर्तमान दौर में नशे की लत एक आदत के रूप में उभरी है जिसके कारण भी लोगों में भूलने की बिमारी बढ़ी है।  इस बिमारी के कुछ सामान्य लक्षण- स्वभाव में बदलाव, चीजों को गलत स्थान पर रख देना। समय या स्थान में भटकाव। समस्याओं को हल करने में कठिनाई। तारीख और समय की जानकारी रखने में परेशानी। हालिया जानकारी भूलना। सामाजिक एवं मनोरंजक गतिविधियों से दूर रहना। घर या कार्यस्थल पर सामान्य कार्यों को पूरा करने में कठिनाई। पढऩे, दूरी का आकलन और रंग पहचानने में कठिनाई। इस रोग के सही कारण की जानकारी होने पर ही इससे बचाव के उपाय भी संभावित हैं। हाइ ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, हाइ कोलेस्ट्रोल, दिल सम्बन्धी रोग, डिप्रेशन और थायरोइड डिसओर्डर के लिये दवाई खाइये और इसे नियंत्रण में रखिये। सिगरेट मत पीजिये, संतुलित भोजन करिये  और नियमित व्यायाम कीजिये। दृष्टिकोण सकारात्मक रखिये। लोगों से मिलिये। समय-समय पर विशेषज्ञों की सलाह लेते रहिये।


Posted : 4 weeks ago

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