एक कर्मचारी के रूप में लॉकडाउन में कैसे खुद को स्वस्थ रखें | VentAllOut blog

किसी वैश्विक महामारी का मनोवैज्ञानिक परिणाम सामाजिक ताने-बाने पर भी असर डालता है। ऐसे में भागती-दौड़ती ज़िंदगी में अचानक लगे इस ब्रेक और कोरोना वायरस के डर ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के पहले महानिदेशक ब्रॉक चिशहोम, जो कि एक मनोरोग चिकित्सक भी थे, की प्रसिद्ध उक्ति है : ‘बगैर मानसिक स्वास्थ्य के, सच्चा शारीरिक स्वास्थ्य नहीं हो सकता है.’

इस बीच चिंता, डर, अकेलेपन और अनिश्चितता का माहौल बन गया है और लोग दिन-रात इससे जूझ रहे हैं। डर और सवाल सिर्फ इस महामारी और इससे उपजे संकट का नहीं है अपितु सबसे परेशान करने वाला सवाल तो इस बात का है कि ये अनिश्चितता और कब तक…

तो जाहिर सी बात है कि इन सब समस्याओं से जूझ रहे सामान्य से सामान्य व्यक्ति के जीवन मे भी शारीरिक और मानसिक तनाव का होना लाजमी है। हालांकि कामगारों/कर्मचारियों पर इस बात का ज्यादा असर पड़ा है परन्तु सामान्य इंसान व इससे खुद को बचा नहीं पाया है। परन्तु फिर भी हम कुछ बातों का ख्याल रख के इस समस्या से खुद को बचा सकते हैं या फिर बचाने का प्रयास कर सकते हैं। जैसे-

कुछ नए शौक़ के माध्यम से हम खुद को तरोताज़ा रख सकते हैं जैसे- 

गार्डनिंग, इसके माध्यम से हम अपने घरों में बाग-बगीचे लगा सकते हैं इससे हमारा शरीर भी कुछ वर्कऑउट करेगा तो शारिरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और साथ ही उसको देख के हम मानसिक रूप से भी अच्छा महसूस करेंगे, साथ ही साथ हमारे घर की शोभा भी बढ़ेगी।

तकनीक से थोड़ा हट के रियल जिंदगी में खुसी छेड़ें, हम आपनें ऑफिस के कामकाज के दौरान तकनीकी के जितने करीब आ जाते हैं वास्तविक जीवन से हमारा जुड़ाव उतना ही कम होता जाता है साथ ही हम दिनभर अपने कार्यभार में व्यस्तता के कारण अपने फैमिली को टाइम नहीं दे पाते जिसके कारण सामान्यतः सम्बन्धों में खिंचाव महसूस करने लगते हैं तो यह बेहतर समय है कि जिसमे हम अपने डिजिटल जिंदगी से फिजिकल जिंदगी की ओर बढ़ें तथा अपने और अपनों को समय दें।

ऑनलाइल बुक क्लब में शामिल हों, किताबें पढ़ने को जीवन मे सबसे अच्छा शौक़ पालना माना जाता है इससे हमारी समझ और जानकारी  में भी इजाफा होता है और हम मानसिक रूप से खुद को बेहतर भी महसूस करतें हैं। भले ही किताबें हमारे शारिरिक स्वास्थ्य के लिए उतनी बेहतर न हों परन्तु फिर भी हम कुछ किताबों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से शारिरिक स्वास्थ्य को व पुख्ता कर सकते हैं।

नई भाषा सीखें, लॉकडाउन के दौरान जहाँ पर सबकुछ रुका सा है वहीं पर हम खुद को और ज्यादा परिमार्जित कर सकते हैं और अपने ऑफिस में खुद को औरों से बेहतर प्रस्तुत कर के अपना प्रभाव जमा सकते हैं। नई भाषा सीखने के माध्यम से हम बहुत कुछ सिख सकतें हैं।

वर्चुअल टूर का आनंद लें, टूर जिसका नाम सुनते ही मन आनंदित हो उठता है वो तो हमारे पास पर्याप्त समय होने के वाबजूद भी मन की कल्पना मात्र रह जाता है। इसमें जब हम नई तरकीब के द्वारा हम टूर जितना मज़ा ले सकतें हैं घर बैठे और कम पैसों में इसीलिए इस अवसर का लाभ अवश्य उठायें

अंतरात्मा की यात्रा करना, सामान्यतः हम अपने भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने लिए भी वक़्त नहीं निकाल पाते जिससे हम औरों से नहीं खुद से भी दूर होते चले जातें हैं अतः यह हमारे लिए एक अच्छा मौका है जिसमे हम अपने अंतरात्मा की यात्रा करें और अपनी कमियों और गलतियों को सुधारें साथ ही अपनी विशेसताओं से रूबरू हों।

साथ ही साथ हम और भी कई हॉबी को पाल सकतें है जो कि हमारे शारीरिक ओर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक होगी। जैसे- नॉवेल पढ़ना, किसी की जीवन पर आधारित फिल्म देखना, हॉलीडेज प्लान करना, घर की डीप साफ-सफाई करना और घर को न्यूपेंट करना इत्यादि।

उक्त बातों को ध्यान में रखकर हम इस मुश्किल समय में भी खुद को मानसिक और शारीरिक रूप शसक्त और मजबूत बनाये रख सकते हैं।


Posted : 4 weeks ago

Talk Freely

Mood Board
Language