बच्चों का लॉकडाउन में विशेष ध्यान रखें

01- क्या लॉक डाउन आपके बच्चों को तनावग्रस्त कर रहा है?? कोरोनोवायरस महामारी ने सभी आयु वर्ग के लोगों का जीवन उलट-पलट कर दिया है, जिनमें स्कूल जाने वाले  बच्चे भी शामिल हैं।  हालांकि बहुत सारे छात्रों ने पिछले तीन महीनों में ऑनलाइन कक्षाओं और वेबिनारों की ओर रुख किया है, लेकिन कुछ अब परीक्षा में देरी, पाठ्यक्रम की कमी और असाइनमेंट के बढ़ते बोझ से चिंतित हैं।  इसके अलावा, कोई वास्तविक तारीख नहीं है जिसे हम जानते हैं-जब स्कूलों और कॉलेजों को शुरू करना संभव होगा। सबसे अधिक प्रभावित अभी संभवत: 2020 के बैच हैं, या इस वर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले हैं।  उसी के आसपास बहुत सारी अनिश्चितताएं हैं।  उसके ऊपर, वे अपने साथियों या शिक्षकों को नहीं देख सकते हैं, या पहले जैसी चीजें भी कर सकते हैं, यह काफी तनावपूर्ण है।  उन्हें परामर्श देने का कर्तव्य इन कठिन समय के दौरान माता-पिता और तत्काल परिवार के हाथों में है। याद रखें, यह आपके लिए जितना कठिन और बोझिल समय है, यह  उन बच्चों और युवाओं  के लिए भी उतना ही कठिन समय  है, जो अपने करियर के पहले कदमों की उम्मीद कर रहे थे।  यहाँ कुछ चीजें हैं जो आपको उनके डर को कम करने के लिए बताना चाहिए: 02- अंतराल और देरी होती रहती है महामारी हम सभी के लिए एक अस्थिर समय रहा है और बच्चे भी व्यापक रूप से प्रभावित हुए हैं।  प्रवेशों को पुनर्निर्धारित किया गया है जिसके कारण कई आने फेयरवेल और अपना कॉलेज का पहला दिन मिस कर दिए हैं ।  कई तो एक एक्स्ट्रा साल लेने की तैयारी कर सकते हैं।  यदि आपके पास कोई ऐसा छात्र है तो उसे इस समय का महत्व बताये। एक परीक्षा की तैयारी करते समय, बच्चों को इस तरह की चुनौती से निपटने के लिए सीखने की जरूरत होती है।  अंतराल और देरी होती है और उनके लिए अनुकूलनशीलता की अवधारणा और लचीले होने के महत्व को समझना महत्वपूर्ण है। 03- कुछ नया सीखने के लिए इस समय का उपयोग करे। अपने रिज्यूमे में हुनर जोड़ना हमेशा एक अच्छा विकल्प होता है।  एक किशोर के लिए, वयस्कता के लिए कुछ ऑन-हैंड प्रशिक्षण प्राप्त करना एक अच्छा तरीका हो सकता है।  यह खाना पकाने, पकाना, या प्रमाणन पाठ्यक्रम के लिए साइन अप करना, या यहां तक ​​कि इंटर्नशिप- लॉकडाउन के दौरान सीखी गई कोई भी चीज उन्हें भविष्य के लिए मदद कर सकती है।  उनके लिए उपलब्ध इंटरनेट के साथ, बहुत कुछ किया जा सकता है! 04- यह एक प्रतियोगिता नहीं है ... हां, हाथों पर अतिरिक्त समय स्किलसेट को जोड़ने का एक अच्छा तरीका है, लेकिन जैसा कि वयस्कों को पता होना चाहिए, बच्चों को यह जानने की जरूरत है कि यह एक उत्पादकता प्रतियोगिता नहीं है - यह प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम की संख्या है जो वे ले रहे हैं, व्यंजन  खाना पकाने या कक्षाएं वे ले रहे हैं।  एक अभिभावक के रूप में, तुलना मत करो और एक प्रेरक कोच बनो जो उन्हें मार्गदर्शन देता है।  उनके पास जीवन के दूसरे पक्ष में उनके लिए पर्याप्त चुनौतियां हैं।  उन्हें बताने के लिए केवल एक ही चीज है मनमर्जी का अभ्यास करना, आभार व्यक्त करना और एक स्वस्थ जीवन शैली का नेतृत्व करना। 05- Disappointment और खुशियाँ जीवन का एक हिस्सा है। इस समय तक, बहुत सारी योजनाएँ तैयार हो चुकी हैं और उच्च संभावना में, आपके बच्चे को उस पाठ्यक्रम का अनुभव नहीं हो रहा है जो उसने खुद के लिए किया था।  आत्म-दया में लिप्त होने के बजाय, यह उनके लिए यह समझने के लिए एक अच्छा सीखने की अवस्था है कि निराशा और खुशियाँ दोनों जीवन का एक हिस्सा हैं और उन्हें उनके माध्यम से पालना सीखना होगा। 06- सबसे महत्वपूर्ण बात, उनकी भावनाओं को मान्य करें ... माता-पिता के रूप में, सबसे खराब चीज जो आप अभी कर सकते हैं, वह है कि उनके डर और चिंताओं को "असत्य" के रूप में मिटा दें और उन्हें शालीन करार दें।  याद रखें, माता-पिता को उनकी सहायता प्रणाली के रूप में कार्य करना पड़ता है और आपके लिए उनके साथ बातचीत करना आसान होता है।  अपनी भावनाओं को मान्य करें, सहायक कार्य करें और उन्हें शांति का अनुभव कराएं।  कई बच्चों (और आप) ने एक साल पहले से भविष्य की योजना बनाई होगी और यह अनिश्चित समय के लिए उन्हें अनिश्चितता और लचीलापन के बारे में सिखाने का एक तरीका हो सकता है।

4 days ago

COVID IMPACT: Lost Job During Pandemic? Ways to deal with reality…

An estimated 14 crore people lost their jobs in India during the lockdown since March 2020. That’s nearly 26% unemployment rate. Clearly, you’re not alone going through the most difficult time right now. Your struggles get worse if you’re the only breadwinner. Children might not understand why mum or dad are denying for treats now. But the financial crunch is quite evident. With that, your need to vent increases but you don’t want your family members to panic. Trust us, we know what you’re going through. A lot of people are not getting paid on time, pay-cuts are introduced and some are jobless. What’s more depressing is that there seems no end. What should you do? 1. Be aware but not overfed by media News and media channels including social media are full of opinions by the educated but ignorant crowd. For some TRPs, news channels have made a business out of people’s misery. Social media is all about imposing views on others. And as your information consumption gets beyond logics, the world seems hopeless. Hence, mindfully consume online information. 2. LinkedIn utilization LinkedIn has seen one revolutionary wave of job seekers, companies and recruiters coming together. Blend into the crowd skillfully. Do you need to take experts help? Go for it. Do you think free classes can help you? Spend some time to understand the platform and its right use to get a new job. Opportunities are scarce and hence you should be ready to clinch it. 3. Take a refreshing break This one is for anyone who is experienced professional- if you’re in a position to take a break from the usual, then this is the right time. Your career will get back on tracks but rekindle with your family and friends now. 4. Skill upgrade Starting a career with a lot of hopes is an obvious thing. When it comes crashing down because of increasing unemployment, doubts are also obvious to set in. During this time, enrolling yourself into online courses is a good plan to go about. 5. Give it a think You’ve always wanted to become an entrepreneur? Have an idea ready to pop right out of your brain? Well, today is your blank canvas. Take a break from the rat race and start your own business. We know what you’re thinking- Lockdown - Economy Recession - Startup? All you need is to solve the problems of people right now. Some of the great startup ideas like Uber, Airbnb and Pinterest were developed during recession 2008. Just meet the needs of the audience with your passion and voila! 6. Take care of your mental health Rejections are a part of life. Do you think your interview didn’t make a crack? It’s okay to feel low about it. But you need to pick yourself up. Maybe websites to vent to strangers like VentAllOut can help you right now. Unwind yourself from the daily pressure of finding a job here. 7. Look for little opportunities to earn You are a one-person company. Use your talents and make your profile on online work platforms. Freelancing is a great option too. And if nothing seems to work, be a content creator on social media or become a loyal subscriber of VentAllOut. Wondering how can you earn while venting? That’s the best part of being our family. The more you use this platform, higher incentives you’ll earn. Friend... We’ve got your back. We’re here to support you. Let go of your worries and believe in yourself a little more today. Stay with us for more positive affirmations. Remember- You’re awesome! :)

4 days ago

कोविड से ठीक होने वाले लोगों के साथ समाज का व्यवहार

किसी भी बीमारी से लड़कर ठीक होना अथवा वापस रिकवर होना अपने आप में किसी जंग जीतने से कम नहीं होता। किसी बीमारी से पीड़ित होने के बाद एक मजबूत मनोबल,आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति की जरूरत होती है जिससे पीड़ित व्यक्ति वापस स्वस्थ होकर हमारे बीच वापस लौटता है। लेकिन समाज की मानसिकता देखिये जिस पीड़ित को हमें अपने हीरो की तरह ट्रीट करना था, उसे हमने अपने समाज से ही अलग कर, छूत की तरह व्यवहार करने लगे। जो कि कभी-कभी काफी भयावह हो उठता है जब इन कारणों से कोई मनुष्य बिमारी को हराकर 'अवसादग्रस्तता या डिप्रेशन' से पीड़ित हो उठता है।  स्थिति और भी खराब तब होने लगती है जब कोरोना वायरस या कोविड से कोई मनुष्य पीड़ित हो जाता है क्योंकि एड्स की तरह वर्तमान में कोविड का भी कोई इलाज नहीं है। अतः ऐसे में कुछ केस सामने आये जब किसी कॉलोनी या घर में कोई एक व्यक्ति पीड़ित हो गया और ठीक होने पर अन्य लोगों द्वारा  उसका एक तरह से बहिष्कार किया जाने लगता है। यह एक बेहतर समाज के लिए कभी अच्छा नहीं माना जा सकता।  हमें अपनी मानसिकता से यह निकलना होगा कि किसी बिमारी से पीड़ित होने के बाद उससे रिकवर करने के बाद लोगों में उसके अंश मौजूद रहते हैं। यह केवल एक तरह की नकारात्मकता होती है जो हमें यह कभी स्वीकार्य करने ही नहीं देती कि व्यक्ति अब पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर लौटा है। यदि आप रिकवर होने वाले व्यक्ति से जुड़ेंगे नहीं उसका मनोबल बढ़ाएंगे नहीं तो यह धीरे-धीरे सम्पूर्ण समाज को ही अलग-थलग कर डालेगा। क्योंकि  यह एक ऐसी बिमारी है जिससे आज कोई आपके आस-पास पीड़ित है और हो सकता है कि कल आप भी इससे पीड़ित हो जाएँ। अतः इससे पहले कि यह सामाजिक व्यवस्था ही टूट जाए, संभलिए। हमें हर पीड़ित को मनुष्य की तरह ट्रीट करना होगा वापस ठीक होने पर उसके मनोबल को बढ़ाना होगा। इस दुनिया में सुख-दुःख लगे रहते हैं आज के इस दुःख को संभालिये, आने वाले समय पर विश्वास रखिये। एक बार फिर से नया सूरज खिलेगा और रोशन होगा हमारा ये सारा जहाँ। समाज में बदलाव तेजी से नहीं होते यह एक धीमी प्रक्रिया है जो चलती रहती है। लेकिन इसकी शुरुआत हमें ही करनी होगी। सरकार भी अपने स्तर पर ऐसी चीजों को रोकने का हर सम्भव प्रयास कर रही है। हमें सरकार की गाइडलाइन्स का पालन करते हुए अपने स्तर पर पीड़ितों और बीमार लोगों की हर सम्भव मदद करनी होगी। हमारी संस्कृति भी हमें सिखाती है “नर सेवा ही नारायण सेवा है।” अतः मनुष्य होने के नाते हमें दूसरे मनुष्यों के प्रति प्रेम,सहायता और करुणा का भाव रखना ही चाहिए। ताकि किसी भी व्यक्ति में नकारात्मकता या अवसादग्रस्तता जैसी कोई भावना न आये। यदि कोई व्यक्ति किसी बिमारी से लड़कर वापस आ रहा है तो उसका हौंसला बढ़ाना चाहिए उससे बातें करनी चाहिए न कि उससे दूरी बनानी चाहिए।  

2 weeks ago

NEWLYWED STRUGGLES: The 5 Great Adjustments to Make in Initial Years for a Happy Marriage

Let’s talk about it, guys. We know your single friends are probably teasing you for all the right (wink) reasons. But then your married friends must be telling you, “Wait for a few more years”. And as your Mehendi is already fading and you’re getting used to his and her closet every day, there are numerous other struggles that you must be dealing with. And maybe all you want to do is- JUST VENT! This blog is going to talk about all the unsaid situations you must be living through. You better keep on reading it to the last word because- Oh boy! Nothing’s better than someone understanding what you’re going through right now. Here are the 5 Great Struggles: 1. They are always on your face There’s simply no personal space at all. The sweet messages- “Can’t wait to wake up to your beautiful face” is just too overrated sometimes. They are everywhere you see, go and sit in the house. The mushy love story is probably too much sugar in tea. As you grow older, you start to respect personal space more. Hence, earlier you understand, healthier the relationship gets. Checking their phones, invading their digital privacy, keeping a note of where they are, with whom, what they’re doing- not cute. Just practice- let it go- now and then. It’s going to be difficult but worth it. 2. The F- Word It’s a bomb conversation when you’ve to discuss the “Finances!” Now is the time when you might have to plan a joint account, understand & do taxes and manage your expenses together. Yes- it calls for a lot of disagreements. The tip- Use a professional hand or an experienced couple to help you figure out how to make it work. Finances are truly ‘Make & Break’ and hence, it requires your attention as soon as your honeymoon break is over. 3. The performance pressure Let’s be real. You might and might not be the first-timers but the pressure of pleasing the person is high on your shoulders. Not a lot of people consider this conversation as ‘an outside-the-bedroom’ conversation but seeking help is again not bad advice. The truth is- you’re in this marriage for a longer time (lifetime). To make your sex life interesting and enjoyable for both of you, a few compromises are needed to be made. Needless to say, your intimate relationship needs time, efforts, open talks, respect and ample love. Keep expectations low and learning attitude high for a few months. 4. Debates on Knitty Gritty Marriages can get overwhelming for newlyweds. They are learning to adapt to this new lifestyle. And between the times when you disagree to agree, you have debates. It’s okay to argue but it is also important for both of you to empty these negative emotions. Utilize the opportunity to vent online on anonymous posting board. This ensures that no one judges about your problems, and you can rest your worries away. The brilliance of this idea is to find supportive strangers who will bring out the best person in you. 5. The Chores Cheat It is a blessing if both of you are equally responsible and cleanliness lovers. Doing home chores will be a piece of cake for you both. However, it’s rare. Mostly, one of you will always end up doing more. Divide and Do- this is the only way to resolve this matter. Once married, you have no other way but to act like an adult. Whether you’re in a big family or you’re a nuclear fam, you should discuss at length about your responsibilities. Divide your roles roughly and make sure, they are equal. The most important adjustment will be to not nag when someone fails to do a task they are supposed to do. Hey, don’t forget- you’re a team. Pick up your partner and go about the task with them like do the laundry together, wash the dishes together or simply go for grocery shopping together. The Bonus Advice: Marriage is a bowl of soup. You get everything in there. You might not like broccoli or carrots in it but holistically, it’s healthy and good. Try to take struggles with an optimistic approach of making it work for both of you and you’ll see the best days of your life together.

2 weeks ago

एक कर्मचारी के रूप में लॉकडाउन में कैसे खुद को स्वस्थ रखें

किसी वैश्विक महामारी का मनोवैज्ञानिक परिणाम सामाजिक ताने-बाने पर भी असर डालता है। ऐसे में भागती-दौड़ती ज़िंदगी में अचानक लगे इस ब्रेक और कोरोना वायरस के डर ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के पहले महानिदेशक ब्रॉक चिशहोम, जो कि एक मनोरोग चिकित्सक भी थे, की प्रसिद्ध उक्ति है : ‘बगैर मानसिक स्वास्थ्य के, सच्चा शारीरिक स्वास्थ्य नहीं हो सकता है.’ इस बीच चिंता, डर, अकेलेपन और अनिश्चितता का माहौल बन गया है और लोग दिन-रात इससे जूझ रहे हैं। डर और सवाल सिर्फ इस महामारी और इससे उपजे संकट का नहीं है अपितु सबसे परेशान करने वाला सवाल तो इस बात का है कि ये अनिश्चितता और कब तक… तो जाहिर सी बात है कि इन सब समस्याओं से जूझ रहे सामान्य से सामान्य व्यक्ति के जीवन मे भी शारीरिक और मानसिक तनाव का होना लाजमी है। हालांकि कामगारों/कर्मचारियों पर इस बात का ज्यादा असर पड़ा है परन्तु सामान्य इंसान व इससे खुद को बचा नहीं पाया है। परन्तु फिर भी हम कुछ बातों का ख्याल रख के इस समस्या से खुद को बचा सकते हैं या फिर बचाने का प्रयास कर सकते हैं। जैसे- कुछ नए शौक़ के माध्यम से हम खुद को तरोताज़ा रख सकते हैं जैसे-  गार्डनिंग, इसके माध्यम से हम अपने घरों में बाग-बगीचे लगा सकते हैं इससे हमारा शरीर भी कुछ वर्कऑउट करेगा तो शारिरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और साथ ही उसको देख के हम मानसिक रूप से भी अच्छा महसूस करेंगे, साथ ही साथ हमारे घर की शोभा भी बढ़ेगी। तकनीक से थोड़ा हट के रियल जिंदगी में खुसी छेड़ें, हम आपनें ऑफिस के कामकाज के दौरान तकनीकी के जितने करीब आ जाते हैं वास्तविक जीवन से हमारा जुड़ाव उतना ही कम होता जाता है साथ ही हम दिनभर अपने कार्यभार में व्यस्तता के कारण अपने फैमिली को टाइम नहीं दे पाते जिसके कारण सामान्यतः सम्बन्धों में खिंचाव महसूस करने लगते हैं तो यह बेहतर समय है कि जिसमे हम अपने डिजिटल जिंदगी से फिजिकल जिंदगी की ओर बढ़ें तथा अपने और अपनों को समय दें। ऑनलाइल बुक क्लब में शामिल हों, किताबें पढ़ने को जीवन मे सबसे अच्छा शौक़ पालना माना जाता है इससे हमारी समझ और जानकारी  में भी इजाफा होता है और हम मानसिक रूप से खुद को बेहतर भी महसूस करतें हैं। भले ही किताबें हमारे शारिरिक स्वास्थ्य के लिए उतनी बेहतर न हों परन्तु फिर भी हम कुछ किताबों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से शारिरिक स्वास्थ्य को व पुख्ता कर सकते हैं। नई भाषा सीखें, लॉकडाउन के दौरान जहाँ पर सबकुछ रुका सा है वहीं पर हम खुद को और ज्यादा परिमार्जित कर सकते हैं और अपने ऑफिस में खुद को औरों से बेहतर प्रस्तुत कर के अपना प्रभाव जमा सकते हैं। नई भाषा सीखने के माध्यम से हम बहुत कुछ सिख सकतें हैं। वर्चुअल टूर का आनंद लें, टूर जिसका नाम सुनते ही मन आनंदित हो उठता है वो तो हमारे पास पर्याप्त समय होने के वाबजूद भी मन की कल्पना मात्र रह जाता है। इसमें जब हम नई तरकीब के द्वारा हम टूर जितना मज़ा ले सकतें हैं घर बैठे और कम पैसों में इसीलिए इस अवसर का लाभ अवश्य उठायें अंतरात्मा की यात्रा करना, सामान्यतः हम अपने भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने लिए भी वक़्त नहीं निकाल पाते जिससे हम औरों से नहीं खुद से भी दूर होते चले जातें हैं अतः यह हमारे लिए एक अच्छा मौका है जिसमे हम अपने अंतरात्मा की यात्रा करें और अपनी कमियों और गलतियों को सुधारें साथ ही अपनी विशेसताओं से रूबरू हों। साथ ही साथ हम और भी कई हॉबी को पाल सकतें है जो कि हमारे शारीरिक ओर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक होगी। जैसे- नॉवेल पढ़ना, किसी की जीवन पर आधारित फिल्म देखना, हॉलीडेज प्लान करना, घर की डीप साफ-सफाई करना और घर को न्यूपेंट करना इत्यादि। उक्त बातों को ध्यान में रखकर हम इस मुश्किल समय में भी खुद को मानसिक और शारीरिक रूप शसक्त और मजबूत बनाये रख सकते हैं।

4 weeks ago

How to remain in happy state for long? 5 Secrets Revealed!!!

Do you fear that the moment you spend laughing, a few tears are waiting for you afterwards? It is one of the most common perceptions people have around happiness. It is considered to be a short-lived emotion that will be accompanied by some negative emotions. People fear laughing loud. Mothers are worried about their children’s health as evil’s eye might destroy them. And what not? Scientifically, it’s true that time is constantly changing. Musically, we’ve songs around ‘neither the happiness stays for long nor the sadness’. Many saints teach us the importance of having a bad day to feel the worth of a good day. So, it’s a proven fact, Happiness will always be accompanied by sadness. During the low phase, it’s right to just vent your feelings. And that is one of the secrets to maintain a happy state for long. Nevertheless, here are some of the ways you can make sure the season of laughter and contentment continues: 1. Focus- Positivity Simply, channel your energies into the positive zone. Focusing on what’s good in everyone and every situation, you’ll realise that you’ve trained yourself to be an optimistic person. “Be content with what you have. Rejoice in how things are. When you realize there is nothing lacking the whole world belongs to you.” –Lao Tzu 2. Document your feelings You can write a journal but it’s 2020 and we’re all about technology. Hence, the anonymous venting website becomes a good way to put your feelings into words. Nothing else feels better but when you realise you can deal with your problems. This wisdom you gain when you spell out your problems. 3. Acceptation of whatever, whenever and however life is You might struggle with the thought of “why me” every time a difficult situation strikes you down. Quite human. However, do question yourself- “Are you letting the problem linger more than it should?” If yes, then it’s time you remind yourself- “MOVE ON!” Sometimes, the only way to deal with a difficult situation is to go through it. Having a troubled working life? Resign for your mental peace. Aren’t enjoying your relationship? Confront and work towards it. Dealing with the financial burden? Talk it out with the right people and seek professional help to manage. The truth is- Every problem has a solution. Just look out for it. 4. Spend Time & Energy Wisely There are times people complain about how they were in an 8-year long relationship but they still had a fallout. They complain about wasting almost a decade after a person who never loved them back as much. Happy times now seem to be a lie. Which is why you need to regularly introspect- “Are you happy?” Are you contented?” If the ultimate answer is yes. Then Bingo! If you’re struggling to answer then it is the right time to make difficult choices. Your time and energy should be utilized and invested correctly. Keep on questioning yourself to understand your soul better. 5. Simply be there for yourself Do you like shopping? Go for it. Do you want to grab a quick drink with your best friend after office? Plan a date. Need to rewind & reconnect? Vacation should help. The moral is to do something which makes you happy. Cultivate a deeper relationship with yourself. Do you agree with us? Let us know. And don’t miss to login in to unwind your stressful life daily on VentAllOut.

4 weeks ago

लॉकडाउन में आपका नेतृत्व कम्पनी का भविष्य तय करेगा

जीवन में परिस्थिति एक जैसी कभी नहीं रहती। प्रकृति का नियम भी कुछ ऐसा है कि जीवन लगातार बदलाव के दौर से गुजरता रहता है। आज मानव के ऊपर कोरोना के रूप में एक बड़ी विपत्ति आ गई है। जिसके चलते सामाजिक जीवन के साथ-साथ हर तरह की कार्य-प्रणाली में बदलाव आ रहा है। ऐसे ही बदलाव विभिन्न व्यवसायों में भी आ रहें हैं। जिससे लॉकडाउन,वर्क फ्रॉम होम,सोशल डिस्टैन्सिंग आदि नए कॉन्सेप्ट सामने आ रहें हैं। ऐसे में इन बदलाव के केंद्र में सबसे ज्यादा किसी व्यवसाय या कम्पनी के बॉस अथवा कम्पनी लीडर हैं;जिन पर कंपनी को इस लॉकडाउन में आगे बढ़ाने के साथ-साथ अपने वर्कर्स अथवा कर्मचारियों को बेहतर रूप से संभालने की दोहरी जिम्मेदारी है। कोरोनावायरस महामारी की शुरुआत के बाद से, वर्क कल्चर के इस नए युग में अग्रणी टीमों के निर्माण से लेकर,उनके क्षमता बढ़ाने वाले आदि कार्य हैं जो बॉस अथवा मालिकों को करनी है। यह एक ऐसा समय है जब उन्हें अपने बेहतर नेतृत्व क्षमता के प्रदर्शन के साथ उसमे सुधार और दूरदर्शिता का मिश्रण करना जरुरी हो गया है। तो बेहतर नेतृत्व के लिए आप अपनी निम्न स्किल्स पर ध्यान दे सकते हैं - पूछताछ के दौरान अथवा ऑनलाइन वर्कर्स मीटिंग में बोलने से ज्यादा सुनने का प्रयास करें, जिससे कर्मचारियों में आप की अच्छी इमेज बन सकती है क्योंकि इससे उनके बीच ये मैसेज जायेगा कि आप अपने हर कर्मचारी पर बराबर ध्यान दे रहें है और वह कंपनी के लिए अपना सर्वोच्च योगदान देने का प्रयास करेगा।  भावनात्मक रूप से कर्मचारियों से जुड़ने का प्रयास करें। महामारी का अनुभव प्रत्येक कर्मचारी के लिए अलग-अलग तरीकों से प्रकट होगा। उनके अंदर दु:ख, भय, चिंता, अतिसंवेदनशीलता और बहुत तरह के भाव उभर रहे होंगे। ये भावनाएं दिन-प्रतिदिन, सप्ताह-दर-सप्ताह में, या घंटे में बदल भी जाएंगी! आप अपने को भावनात्मक रूप से मजबूत और संवेदनशील बनायें ताकि सभी कर्मचारियों की हर तरह की मनोदशा समझकर उनका हौसला बढ़ा सकें। एक लीडर होने के नाते आपकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है ऐसे में यह याद रखने की जरुरत है कि 'जीवन सुरक्षा सर्वोच्च है'। अतः अपने कर्मचारियों को यह समझाने की जरूरत है कि वे सभी तरह के सरकारी नियम-कानून का पालन करें और हर तरह से अपने जीवन की सुरक्षा को प्रमुखता दें। अपने टीम पर विश्वास बढ़ाएं उनको जिम्मेदारी देने के साथ उनकी हर तरह से मदद करने का प्रयास करना चाहिए। नियमित वार्तालाप या मीटिंग करने का प्रयास करें  दैनिक - संचार बहुत जरूरी है। इसके अलावा कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है। यदि आवश्यक हो तो बीच-बीच में कर्मचारियों के लिए मोटिवेशन प्रोग्राम बना सकते हैं। यह सोचें कि  "COVID-19 के बाद दुनिया कैसी होगी।" त्वरित रूप से यह स्पष्ट है कि एक टीम के रूप में सकारात्मक और भविष्य केंद्रित होने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। और उसके अनुसार अपने व्यवसाय या कंपनी को तैयार करें, साथ ही कर्मचारियों की स्किल्स को बेहतर बनाने और उन्हें जरूरी मदद उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास करें

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