कोरोना के बाद आने वाला समय कैसा होगा?

आज सम्पूर्ण दुनिया कोरोना से पीड़ित है। दुनिया के बड़े-बड़े देश भी आज इस महामारी से निजात नहीं पा सके हैं। हांलाकि सभी देश और संगठन अपने-अपने स्तर पर इस बीमारी की दवा या यूँ कहें कि वैक्सीन बनाने की तैयारी में लगे हुए हैं। हो सकता है कि वैक्सीन मिल भी जाए; लेकिन इसमें थोड़ा समय तो निश्चित ही लगेगा। लेकिन तब तक दुनिया में काफी कुछ बदल जाएगा। दुनिया एक नए समाजिक संगठन की ओर बढ़ जायेगी। सरकारें अपने -अपने देशों में रिसर्च-डेवलपमेंट,शिक्षा और स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने का प्रयास करेंगी।जो एक इस महामारी के कारण ही सही लेकिन एक अच्छा कदम साबित हो सकता है।  मानव ने जब से सामाजिक प्राणी के रूप में रहना सीखा तब से मानव ने लगातार परिवर्तन और विकास की राहों को अपनाकर जीवन को बढ़ाया और समृद्ध किया है। इससे पहले जब दुनिया में कोरियन फ्लू और इबोला जैसी महामारी आई तो दुनिया में विकास के नए मॉडल के रूप में दक्षिण कोरिया आया। जहां स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर जागरूकता बढ़ी।  आज ऐसा ही कदम भारत सहित सम्पूर्ण दुनिया को उठाना है। इसके लिए सामाजिक संगठन और व्यवस्था में थोड़े परिवर्तन तो करने पड़ेंगे लेकिन निश्चित ही दुनिया इन परिवर्तनों के फलस्वरूप एक बेहतर कल की ओर बढ़ेगी।  इन परिवर्तनों से सम्बंधित पहला पाठ हमने कोरोना के शुरू होते ही सीखा और वह था “हाथ-धोना”, हमें यह आम सी बात लगती है लेकिन इंडिया में ही हाथ न धोने के कारण लाखों लोगों की मृत्यु हो जाती है। इससे निश्चित ही आने वाले समय लोग एक डेली हैबिट की तरह लोग हाथ धोयेंगे और अपने स्वास्थ्य को बेहतर कर सकेंगे। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग एक और हैबिट है जो आने वाले समय में लोगों के जीवन का अभिन्न भाग होगा। साथ ही हमारा एजुकेशन सिस्टम काफी बदल सकता है उसमें तकनीकी और डिजिटल का प्रयोग बढ़ सकता है जिससे  आने वाले समय में स्कूल,कॉलेज या कोचिंग जाने की अनिवार्यता ख़त्म हो सकती है। सरकारें अपने नागरिकों के हेल्थ रिकॉर्ड को सुरक्षित डेटा के रूप में रखने की तैयारी कर सकतीं हैं जिससे बिमारियों का इलाज बेहतर तरीके  से हो सकेगा। क्रिकेट जैसे खेलों में काफी कुछ बदल जायेगा। शॉपिंग  मॉल,रेलवे आदिस्थानों में टोकन प्रणाली देखने को मिल सकता है जिससे भीड़ जमा होने से रोका जा सकेगा। ऑनलाइन थिंग्स का प्रयोग हमें बड़े पैमाने पर देखने को मिल सकता है। वर्क कल्चर में परिवर्तन देखने को मिल सकता है; फ्रीलांस और वर्क फ्रॉम होम के कॉन्सेप्ट में वृद्धि देखने को मिल सकता है।सबसे ज्यादा परिवर्तन फ़ूड हैबिट में देखने को मिल सकती है जहाँ विश्व शाकाहार की ओर बढ़ सकता है। इन सबके अलावा महानगरों की ओर होने वाले पलायन में कमी और नए-नए स्टार्टप्स देखने को मिलेंगे। इन सबके प्रभाव से एक नया सामाजिक ताना-बाना देखने को मिल सकता है। जो सबके लिए लगभग नया और मुश्किल ही होने वाला है।लेकिन हमें इसे अपनाना ही पडेगा। लेकिन इन परिवर्तनों के उलझनों के बीच याद रखने वाली बात मानवता की है। हो सकता है कि बहुत लोग अकेले या फैमिली सहित एकांत रहने का प्रयास करें; लेकिन इन सब के बीच याद रहे कि जितना हो सके अपने आस-पास जरूरतमंदों की मदद करें। मानवता ने ही इस पृथ्वी पर मानव जीवन की संभावनाओं को बचा के रखा है। हमेशा याद रखिये कि परिवर्तन में अपनी आदतें बदलिए ना कि दूसरों के लिए अपने दिल के दरवाजे बंद करिये।

2 days ago

How to maintain a healthy social life while social distancing?

Partying with your favourite people will be long forgotten as social distancing enters as the “New Normal”. Whether you were a frequent club-person or a regular coffee-date type, adjusting to this reality will be difficult for every kind. The so-called ‘honeymoon period’ is over where we bonded over Chai with our parents or video called our friends every evening. The lockdown has now imposed a problem- Social Aversion! We are so done and bored that even if we want to vent to someone, we’ll think a million times. Because the other person is supposedly equally frustrated. But we don’t want to ruin our years of friendships over a few months of hardship. Right? Here’s how you should maintain a healthy social life while social distancing: 1. Avoid peer-venting for some time While it is great for your pal to be your support system and trusted ears, but you must understand they are going through similar struggles. During this time, control your urges to share negative emotions with your friends and family. It only adds to the bucket of stress. 2. Depend on the Anonymous Posting Board If we all can be thankful for technology, then this is the time. Venting online is a great concept when it comes with the benefits of no-judgement, 24x7 availability and a promise of keeping your information encrypted and anonymous. 3. Take part in group activities There’s no harm to think this lifestyle to continue for a longer time. We need to reimagine our group activities like partying, dates, movie nights, coffee talks, gyming together and more. Utilise the digital medium as much as you can. Enrol for classes, join the online comic sessions and don’t miss out Social media Live sessions of your favourite influencers. 4. Dress up for the office During the lockdown, work from home has given many of us a great sense of freedom and flexibility. But don’t let laziness rule your routine. Give yourself some time to get ready every morning. Ditch your comfy pyjamas and take out those summer professional attires. How can dressing up help you in social life? It’s all about confidence. When you devote self-care time, you are not just prepping up for the next meeting, but also setting up the mood of the day. You would want to interact more with your team. Attend video calls more actively. Hence, dressing up has an overall impact on your social life. 5. Scribble more than before Even if you haven’t ever picked up a diary to write a daily journal, then do it now. When you put out your emotions on a paper or anonymous venting website, you welcome clarity in your mind. Socially, our relationships are affected when we react over negative emotions and fail to express our happiness with others. A boss who doesn’t appreciate often? A colleague who belittles you? A friend who mocks you often? A partner who remains busy? These are social dilemmas where people tend to spoil their relationships. To understand how to react, let it out of your system first. Then decide. Conclusion: These amazing five pointers will surely help you to sail through these tough times without denting your relationships forever. Also, don’t forget to share this article with your friends.

2 days ago

इम्युनिटी और हमारा स्वास्थ्य

मनुष्य ने जब प्रकृति में जन्म लिया तो हजारों वर्ष की यात्रा के पश्चात वह आधुनिक समाज तक पहुँचने में सक्षम हुआ। लेकिन इन विकास कार्यों ने जहाँ एक ओर जीवन को स्वस्थ और सवास्थ्य वर्धक बनाने का काम किया है तो वहीँ दूसरी ओर नये वायरस और बैक्टीरिया पर रिसर्च के कारण कुछ परिवर्तन भी हुए हैं। मसलन,जो मच्छर पहले साधरण सी दवाओं से ख़त्म हो जाते थे आज उनके खात्मे के लिए अधिक प्रभावशाली दवाएं भी ज्यादा असरदार नहीं दिख रहीं हैं; अर्थात उनमे एक तरह की प्रतिरोगकता उत्पन्न हो गई है। इसी तरह की सबसे ज्यादा चर्चित मुद्दा मलेरिया का है; जिसकी दवा कुछ समय पश्चात रोग पर बेअसर हो गई और ज्यादा असरदार दवाईओं की खोज पर काम प्रारंभ हो गया। आने वाले समय को लेकर यह तो कहा ही जा सकता है कि खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया का मनुष्यजाति को सामना करना पडेगा। फिर डार्विन की "सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट" थ्योरी है जो हमें सावधान करने के लिए काफी है कि जो स्वस्थ रहेगा वह और उसकी आने वाली पीढ़ियां ही अस्तित्व में रह पाएंगी।  तो आज के इस भागमभाग वाले जीवन में आपको अपने स्वास्थ्य पर थोड़ा ज्यादा ही ध्यान देना होगा। छोटी-छोटी बिमारियों में दवाओं का ज्यादा प्रयोग करने की जगह घरेलू नुस्खों को प्रयोग में लाइए क्योंकि उसका प्रभाव आपके जीवन पर लम्बे समय तक दिखेगा। आयुर्वेदिक दवाइयों का प्रयोग आप कर सकते हैं जो सामान्यतः शरीर को भी नुकसान नहीं पहुंचती हैं और काफी लाभकारी भी होती हैं। फिर समय निकालकर योग और व्यायाम भी कर सकते हैं।  योग और व्यायाम से एक ओर जहां शरीर मजबूत होता है वहीँ आज के स्वास्थ्य के लिए प्रयोग में आने वाली महंगी-महंगी मशीनों से भी आपका पैसा बचेगा। समय-समय पर मानवजाति के ऊपर बड़े-बड़े खतरे आये हैं। उन्ही का परिणाम है कि डायनासोर और दूसरे कई जीव-जंतु विलुप्त हो गए। क्योंकि उन्होंने उन खतरों से बचने के लिए कोई तैयारी नहीं कर रखी थी। मनुष्य होने के नाते हम पर प्रकृति थोड़ा ज्यादा दयालु रही है; मनुष्य के पास सोचने-समझने और भविष्य का आकलन करने की शक्ति है। अतः उस शक्ति का प्रयोग कर हमें भविष्य के खतरों से सावधान रहना होगा। उन से लड़ने के लिए तैयारी करनी होगी। अपने आने वाली पीढ़ियों और उनके भविष्य के लिए खुद को स्वस्थ रखना होगा। प्रकृति के पास हर बड़े रोग से लड़ने और उससे निजात दिलाने की पर्याप्त क्षमता है। अतः हमें प्राकृतिक संसाधनों और प्रकृति की भी रक्षा करनी होगी। याद रखिए बड़ी-से-बड़ी विपदा को हम हरा सकतें हैं यदि हमने पहले से कुछ तैयारी कर रखी हो क्योंकि "शांति काल में जो लोग मेहनत करते हैं युद्ध काल में उनके यहां रक्त कम बहते हैं।"  फिर से वही कि अपने दिनचर्या को नियमित और व्यवस्थित करना सीखिए। स्वास्थ्यवर्धक खान-पान पर ध्यान दीजिये। मानसिक संतुलन ज्यादा बेहतर बनाइये ताकि विकट-से-विकट विपदा में भी आप धैर्यता और सहजता से काम कर सकें।हमेशा याद रखिये-"बेहतर स्वास्थ्य ही जीवन के सभी सफ़लताओं की कुंजी है।" अतः खुद को और अपने आस-पास के लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना शुरू कीजिये।इम्युनिटी को बढ़ने के उपायों पर ध्यान देना शुरू कीजिये। जिससे यदि किसी बिमारी का इलाज न मिल सकने पर भी आपका शरीर उस बिमारी से लड़ सकने और स्वस्थ होने के लिए खुद को तैयार करने की क्षमता विकसित कर ले।

a week ago

[Lockdown Special] Dealing with Breakup: Emotionally Exhausted Adults

Humans are social beings. We tend to make new friends, get away from the old ones, get close to one person in the family at one time, some other on the other, have great chemistry with one colleague today and with some other after a few months and it goes on. Our social behaviour is dynamic and is driven by multiple factors which may include mutual interests, fulfilment, our very nature, etc. But the string that connects all of them remains one - Communication. The Covid-19 lockdown was unprecedented and unforeseen, and every aspect of human lives has been impacted by it- our lifestyles, our timetables, our eating habits and our relationships were no exception. That is also facing the burn of the Corona Lockdown Effect. Many of us have got closer to our families, or inmates (roommates) more than we were ever before. Reason? Communication. We are giving more time to them more than we have before. But the hours of the day are limited. If we are devoting it to a new person, we are also depriving someone of it.  In today's fast-moving lives, full of distractions, and self-centric activities, our relationships need constant reinforcement, and fulfilment which so far, was being done by meeting up, having good times together, or communicating very basically. But since that has changed; so has relationships. It has been observed that a large chunk of the population has been going through breakups, due to the COVID-19 lockdown. You must have heard of getting indulged in some activities, set fitness goals, grow some plants, learn music, watch Netflix and more to overcome the emotional trauma of a breakup. But let’s talk about “The Real Ways” to deal with Breakups during this lockdown and further: 1. Write a nostalgia blog Writing about all the happy memories about your relationship eradicates your need to vent. You can choose to write it online or offline. Make sure to keep as many details as possible write like it's your autobiography you're going to give your grandkids. 2. Say ‘Hello’ to a new stranger For those of you, with wandering hearts, hop on to a dating app. You can’t go on a conventional date during this lockdown, but you can keep yourself engaged and entertained. Also, you will be getting your dose of reaffirmation of how awesome you are during this low-time. 3. Go to a venting website It’s okay if you don’t want to check out the dating app. Online venting websites are another great source to ease out the emotional burden. 4. Clean and organize your devices We all have been there. A number of photos, videos, messages and what not? If you really want to get out of the ‘breakup hangover’ then it’s the golden time for you to clean this mess up. Start organising your data collections. It’s going to be tough for one time, never for the second time. 5. Keep busier than usual By keeping yourself extremely busy will give you no time to thinking or reflect on the past. Take more responsibilities at work or be proactive in-home chores. This way you’ll leave no mind space for going back to the dark corner of - Why me? 6. Update your support system Keep 5-6 confidante to anchor your feelings. Inform them about your situation. Ask them for their support at different time. Let your support system work in sync. This tight circle of your friends and family will help you remember why it ended in the first place. It will give you reasons why not to drunk text, call your ex or victimise yourself. One Last Advice: Hey, it’s okay to be vulnerable. Just vent out whenever it’s harder to go ahead. Always remember- You’re precious and everything will be all right!

2 weeks ago

मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के कुछ उपाय

"मानसिक स्वास्थ्य" पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति अथवा भावनात्मक स्वास्थ्य के स्तर का वर्णन करता है या फिर किसी मानसिक विकार की अनुपस्थिति को दर्शाता है। आमतौर पर जनसमान्य में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजगता कम पाई जाती है परन्तु मानसिक स्वास्थ्य का हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। हमारी लगभग सारी गतिविधि हमारे मानसिक स्वास्थ्य के स्तर पर ही चलती हैं, और मानसिक स्वास्थ्य हमारी भावनाओं की अभिव्यक्ति है। "विश्व स्वास्थ्य संगठन", मानसिक स्वास्थ्य को परिभाषित करते हुए कहता है कि यह "सलामती की एक स्थिति है जिसमें किसी व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का एहसास रहता है, वह जीवन के सामान्य तनावों का सामना कर सकता है, लाभकारी और उपयोगी रूप से काम कर सकता है और अपने समाज के प्रति योगदान करने में सक्षम होता है"  हालांकि आज आम बोलचाल की भाषा मे भले ही मानसिक स्वास्थ्य जैसे शब्दों का भरपूर उपयोग होने लगा है परन्तु सर्वप्रथम 19वीं शताब्दी के मध्य में, 'विलियम स्वीटजर' प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने "मानसिक स्वास्थ्य" को पहली बार स्पष्ट रूप से परिभाषित किया था। हेल्दी रहने के लिए दिमाग का हेल्दी होना बहुत जरूरी है। अगर आप मेंटली फिट हैं तो जीवन में आने वाली समस्याओं को आसानी से सुलझा सकते हैं। आजकल भागदौड़ वाली लाइफस्टाइल में स्ट्रेस होना आम बात है। ऐसे में खुद को मेंटली फिट रखना भी एक चैलेंज होता है।आइये हम दिमाक को हेल्दी रखने के कुछ आसान टिप्स/सुझावों के बारे में चर्चा करतें हैं। अपने शरीर का ख्याल रखें- स्वास्थ्य मानसिक स्थिति के लिए सबसे जरूरी है स्वास्थ्य शरीर का होना जिसमें स्वस्थ दिमाग रह सके। उसके लिए हमें नियमित दिनचर्या का पालन करना चाहिए और फिजिकल एक्टिविटी भी करते रहना चाहिए जिससे हमारे शरीर और दिमाक दोनों में रक्त का संचार अच्छे से होता रहता है और हमारा दिमाग स्वास्थ रहे।  हेल्दी डाइट लें- अपने खाने में हेल्दी डाइट का होना बहुत जरूरी है ताकि दिमाग का पर्याप्त पोषण हो सके और दिमाग स्वस्थ और तंदुरुस्त बना रहे। और अपने खाने में  अंडा, दही, हरी सब्जी, दूध, बादाम, डार्क चॉकलेट इत्यदि को जरूर शामिल करें। सकारात्मक लोगों के साथ समय बितायें-  ऐसे लोगों के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं जो सकारात्मक सोच के हों।  तथा जो लोग सामजिक रूप से सक्रिय होते हैं, और इनके साथ मिलकर लोगों की मदद करते रहना चाहिए इससे दिमाग में सकारात्मकता बनी रहती है। कुछ नया सीखते रहें-  दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए कोशिश करनी चाहिए कि कुछ नया सीखते रहें और साथ ही खुद को सकारात्मकता में व्यक्त रखें। इसके अलावा जो काम आपको पसंद है उसके लिए समय निकालकर उन्हें करें। इससे आपको मजा भी आएगा और अधिक सीखने का मौका मिलेगा। कुछ समय के लिए खुद को शांत रखें- जीवन में शांत रहने के लिए ध्यान और योग को करें। यह आपको मानसिक रूप से शांत रखता है और एकाग्रता को बढ़ाता है। शांत रहने से आपका दिमाग स्वस्थ रहता है लक्ष्‍य तय करें- अपनी जिंदगी में आप क्या करना चाहते हैं, इसके लिए लक्ष्य तय करें। अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए क्या-क्या करना पड़ेगा, इसको भी सुनिश्चित कर लें और इसे फ़ॉलो करते रहें ऐसे में आप अपने आपको मानसिक स्वास्थ रख सकते हैं। इस तरह हम अपनी छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखकर अपने मानसिक स्वास्थ को और बेहतर रख सकतें हैं जिनमें से कुछ अन्य छोटी परन्तु महत्वपूर्ण बातें निम्न लिखित हैं- अपने ऑफिस और घर के काम को  आपस में न मिलाएं। अपने काम, आराम और व्यायाम में तालमेल बैठाएं। अधिक से अधिक खुश रहने की कोशिश करें और जीवन की अच्छी घटनाओं को ज्यादा याद रखें। ऐसा माना जाता है कि कभी-कभी रोने से भी मन हल्का होता है। यदि आप बहुत ज्यादा तनाव में हैं तो खुलकर रोएं। मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए अपने शौक और पसंद को भी जिंदा रखें। सप्ताह या महीने में एकाध बार कहीं न कहीं घूमने जाएं। जीवन में हुई घटनाओं को भूलना सीखें, तभी आप खुश रहेंगें और आगे बढ़ पायेंगें। अपनी रचनात्मकता को कोई रूप दें। खेलकूद, पेंटिंग, गार्डनिंग, टूरिज्म, म्यूजिक या रीडिंग जैसे शौक विकसित करें। ...इत्यादि। इस प्रकार से हम कुछ छोटी-बड़ी गतिविधियों के माध्यम से अपने शरीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रख सकतें हैं। और अपने उत्पादकता और कार्य कुशलता को  और ज्यादा प्रभावशाली बना सकतें हैं।

2 weeks ago

Strengthening Your Relationships During the Lockdown: 5 Best Tips

From a child to an adult, we’re running the rat race. We’re taught to catch up with the best. This fast-paced lifestyle has long impacted our relationship with each other. Whether you’re a mother longing for your daughter’s hug, a father yearning to see your son or someone waiting to meet your partner- Lockdown is the timeout we all require. “Time to deal, time to heal.” Now is the time to encounter our insecurities and deep-seated emotions. Let’s look into the Five Best Tips for strengthening your relationships during the lockdown: 1. Find creative ways to spend time Spending valuable and quality moments with your family doesn’t need to be over the dinner table. Break the mundane and step it up with activities like: ● Playing multiplayer online games ● Board and Card games ● Play the Grammy-famous game with your folk- Guess the Gibberish ● Take part in Tiktok challenges ● Video call your family & friends away from you 2. Learn together, Stay together Pick up a new language, skill, instrument or hobby that you can learn with your family or partner. Studies suggest that learning or taking classes together induces a great ‘team spirit’ attitude within the group. The slow-learner will be supported by others. It’s a win-win situation. The lockdown has helped millions to acquire online courses by amazing international universities and portals. Find an online course which interests both of you. 3. Enjoy some me-time Wondering how can some alone time help in strengthening relationships? The cause of our restless energies, anxieties and panic can be originating from an unclear mind. Meditation or some reading should allow the breathing space in a relationship. Couples, living together or in a long-distance relationship, believe communication is the only essential requirement for a healthy relationship. While there’s no denying but what’s also important is to maintain a healthy bond with your inner self. Every day, you must dedicate at least an hour or two on self-care. As it is said,“Love your self first to spread the love.” 4. Release blocked emotions If frustration is interrupting your peace, then why don’t you just vent online ? A pile of unattended emotional situations can build up stress which will add unnecessary negativity. You should: Talk to your confidante Scribble down your feelings Vent online anonymously 5. Step up the game with little efforts #StayHome has brought cleaning and cooking into the trend. Home chefs are flooding social media with yummlicious pictures of self-cooked food. How about bonding with your partner over a dinner date organised at home? Add the touch of warm light, fragrant candles and sparkling drink to make it even more special. It’s the little efforts that count. Even though you can’t go over-the-top fancy, your partner won’t forget the Lockdown-Special Dates ever. Look for what’s important to the other person… It’s safe to say, we need to look out for others need before ours during this pandemic. Making the other person loved, heard and cared for via small gestures should be enough to strengthen your relationships. Start improving your relationship with your partner, parents or children by prioritising their needs. A bonus tip is- allow people to be themselves around you and they would come back to spend more time with you. Happy Relations to You! :)

2 weeks ago

ये समय है रिश्तों को मजबूत करने का

इस समय हर कोई  लॉक डाउन में रहने को मज़बूर है और घरों में कैद लोगों के पास, घर में रह रहे लोंगों के अलावा कोई और दोस्त या  रिस्तेदार नहीं हैं। समय बिताने के लिए, अर्थात घर के सदस्य ही एक-दूसरे का सहारा हैं; समय बिताने के लिए तो उसे हर कोई सकरात्मकता के साथ और बेहतर बनाने  की जद्दोजहद में है। इस समय  घर के काम, बच्चों को संभालना या फिर ऑफिस के काम, इन सब जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बिठाना सामान्य से थोड़ा कठिन हो सकता है और साथ ही बदलते समय के इस दौर में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। जिसे आप कुछ तरीके अपनाकर इस मुश्किल में भी अपने सम्बन्धो को मज़बूत बनाये रख सकते हैं। उसके लिए सबसे कुछ बातों का ध्यान रखना होगा जैसे- पार्टनर के साथ रिश्ते को मजबूत बनाना है तो सबसे पहले आपको खुद का ख्याल रखना होगा. खुद को तनावमुक्त रखें, कुछ समय अकेले में बिताएं, किताबें पढ़ें या कुछ लिखें, मानसिक तौर पर खुद को मजबूत बनाने के लिए मेडिटेशन करें, व्यायाम करें  इत्यादि। प्रतिदिन की योजना बनाएं, किसी भी स्थिति से कैसे निपटना है, साथी के साथ बैठकर इसकी सलाह करें किसी भी मुद्दे पर खुलकर पार्टनर के साथ चर्चा करें, जिम्मेदारियों और काम को बराबर बांटें और एक-दूसरे का सहारा बनें और साथ ही एक दूसरे को स्पेस भी दें और  दिन खत्म होने से पहले अगले दिन किस काम को कैसे करना है इसका प्लान भी साथी के साथ बैठ कर पहले ही तैयार कर लें और संभव हो तो कामों का वितरण समान ही करें और साथी का हाँथ भी बटायें। एकदूसरे को समझने का अच्छा मौका भी है और पर्याप्त समय भी तो इस समय का सही निवेश करें ताकि निकट भविष्य में अच्छा  आउटपुट प्राप्त हो, साथ ही एक-दूसरे की भावनाओं को समझें काम के बोझ के चक्कर में एक-दूसरे को नजरअंदाज ना करें, पार्टनर से पूछते रहें कि वो कैसा महसूस कर रहा है,  उसे किसी चीज की जरूरत तो नहीं या आप और किस तरीके से उनकी मदद कर सकते हैं,  साथ ही पूरे दिन की योजना बनाने से पहले उस योजना में बीच बीच में खुद को आराम देने का भी पर्याप्त समय रखें और इतना व्यस्त दिनचर्या न बना लें की काम के बोझ से आपको थकान महसूस हो और थकान के बाद झल्लाहट और इन सब नकारात्मकता का प्रभाव आपके सम्बन्धो पर पड़े । इस समय आप दोनों एक-दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिता रहे होंगे, तो इस समय प्यार के साथ-साथ तनाव होना भी मुमकिन है इसलिए एक-दूसरे को थोड़ा स्पेस दें, अगर आप दोनों वर्किंग हैं तो अलग-अलग कमरों में बैठकर काम करें और काम के दौरान मानसिक रूप से महसूस करें की आप ऑफिस में हैं इससे कार्य की उत्पादकता भी बढ़ेगी और सम्बन्धो में खींचातानी की संभावनाएं व घटेंगी। भले आप पूरे दिन एक घर में साथ हों लेकिन पार्टनर को थोड़ा वक्त अकेले भी गुजारने का मौका दें, आप दोनों एक कमरे में बिना एक-दूसरे से बात किए भी अपने-अपने शौक पूरे कर सकते हैं जैसे किताबें पढ़ना या कोई वेब सीरीज देखना, कोई पसंदीदा फ़िल्म देखना इत्यादि। साथ ही थोड़ा-थोड़ा दोंनो लोग एक नया प्रोयोग भी कर सकतें हैं जैसे जो फ़िल्म या वेब सिरीज़ आपको नहीं भी पसन्द है  परन्तु आपके पार्टनर की पसंदीदा है उसके लिए थोड़ा एडजस्ट भी करने का प्रयास करें ऐसा करने से संबंधों में गहराई बढ़ेगी और साथ ही प्यार भी। छोटी-छोटी बातों के लिए एक-दूसरे की तारीफ करें, कोई भी पार्टनर परफेक्ट नहीं होता है लेकिन इस समय हर कोई एक-दूसरे का पूरा साथ देने की कोशिश कर रहा है, उसकी कोशिशों के लिए पार्टनर की तारीफ और उसका धन्यवाद अदा करते रहें। हर किसी के जीवन में कभी न कभी कुछ बहुत हि खास मेमोरी होती है अगर सम्भव हो तो उसको दोहरायें और अगर दोहराना नहीं है तो उसे याद करें।साथ में गार्डनिंग करें खुद को सकारात्मक रखने के लिए बागवानी से अच्छा कोई विकल्प नहीं हो सकता, इससे मानसिक तनाव भी कम होगा। इस तरह की कोई दूसरी एक्टिविटी भी कर सकते हैं और साथ में अपने-अपने रुचि की चीजों को करें और एक-दूसरे को उसके रुचि के कार्य करने में उसके हाँथ बंटाए  इससे साथी के प्रति भरोसा और प्रबल होता है। इन सारी चीज़ों को हम ध्यान में रखकर इस लॉक डाउन में अपने सम्बन्धो को न सिर्फ बेहतर बनाये रख सकतें है बल्कि उससे पहले से और ज्यादा निखार सकते हैं और उसमे और ज्यादा प्यार, भरोसा, और साथ की गहराई घोल सकतें हैं जो की हमारे भविष्य के लिए भी बेहतर संकेत होगा। और साथ ही अगर हम इन सारी बातों को ध्यान में रख के घर में समय व्यतीत करतें है  तो हम खुद को अपने और अपने सम्बन्धो के प्रति ज्यादा बेहतर और मज़बूत महसूस करेंगे। याद रखिये "संकट का समय आप बहुत कुछ खो कर भी कुछ अनमोल चीजें हांसिल भी कर सकते हैं; उन्हीं अनमोल चीजों में से एक है मजबूत रिश्ते।

4 weeks ago

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